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02 कुरिन्थियों अध्याय 02 प्रश्नोत्तरी प्रश्न और उत्तर | 02 Corinthians Chapter 02 Quiz Questions And Answers

गलातियों अध्याय 04 प्रश्नोत्तरी प्रश्न और उत्तर

मेरे प्रिय भाई और बहनों, हमारी गुजारिश है कि आप बाईबल क्विज अटेंड करने से पहले एक बार इस चैप्टर का अध्ययन जरूर कर लें। बाईबल क्विज के माध्यम से हमारा उद्देश्य आपको परमेश्वर के वचन को पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है ताकि आप परमेश्वर और उसके ज्ञान को जान और समझ सके। हमारा पूर्ण विश्वास है कि आप निश्चित रूप से आशीषित होंगे। कृपया नीचे दिए गए फिनिश ऑप्शन पर क्लिक करने से पहले सभी प्रश्न अटेंड करना अनिवार्य है। हम आपको शुभकामनाएं देते हैं।

 

#1. 02 कुरिन्थियों 02 अध्याय के अनुसार पौलुस कुरिन्थियों के विश्वासियों को जो उदास किया है उसके साथ क्या करो, न हो कि ऐसा मनुष्य बहुत उदासी में डूब जाए कहा ?

उत्तर का संदर्भ:- इसलिये इस से यह भला है कि उसका अपराध क्षमा करो; और शान्ति दो, न हो कि ऐसा मनुष्य उदासी में डूब जाए। (02 कुरिन्थियों 02ः07)

#2. 02 कुरिन्थियों 02 अध्याय के अनुसार पौलुस जब मसीह का सुसमाचार सुनाने त्रोआस को आया तब कौन न मिलने के कारण मेरे मन में चैन न मिला कहते हैं ?

उत्तर का संदर्भ:- तो मेरे मन में चैन न मिला, इसलिये कि मैं ने अपने भाई तितुस को नहीं पाया; सो उन से विदा होकर मैं मकिदुनिया को चला गया। (02 कुरिन्थियों 02ः13)

#3. पौलुस हमारे द्वारा परमेश्वर हर जगह क्या फैलाता है कहते हैं ?

उत्तर का संदर्भ:- परन्तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो मसीह में सदा हम को जय के उत्सव में लिये फिरता है, और अपने ज्ञान का सुगन्ध हमारे द्वारा हर जगह फैलाता है। (02 कुरिन्थियों 02ः15)

#4. 02 कुरिन्थियों 02 अध्याय में पौलुस कुरिन्थियों के विश्वासियों को मैं ने अपने मन में यही ठान लिया था कि फिर तुम्हारे पास क्या करने न आऊँ कहा ?

उत्तर का संदर्भ:- मैंने अपने मन में यही ठान लिया था कि फिर तुम्हारे पास उदास करने न आऊं। (02 कुरिन्थियों 02ः01)

#5. 02 कुरिन्थियों 02 अध्याय के अनुसार पौलुस हम परमेश्वर के निकट उद्धार पानेवालों और नाश होनेवालों दोनों के लिये क्या है कहते हैं ?

उत्तर का संदर्भ:- क्योंकि हम परमेश्वर के निकट उद्धार पाने वालों, और नाश होने वालों, दोनो के लिये मसीह के सुगन्ध हैं। (02 कुरिन्थियों 02ः15)

#6. पौलुस कुरिन्थियों के विश्वासियों को अपराध करने वाले के विषय मैं तुम से विनती करता हूँ कि उसे अपने किस चीज का प्रमाण दो कहते हैं ?

उत्तर का संदर्भ:- इस कारण मैं तुम से बिनती करता हूं, कि उस को अपने प्रेम का प्रमाण दो। (02 कुरिन्थियों 02ः08)

#7. 02 कुरिन्थियों 02 अध्याय के अनुसार पौलुस ने परमेश्वर का धन्यवाद हो जो मसीह में सदा हम को किसमें लिये फिरता है कहा ?

उत्तर का संदर्भ:- परन्तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो मसीह में सदा हम को जय के उत्सव में लिये फिरता है, और अपने ज्ञान का सुगन्ध हमारे द्वारा हर जगह फैलाता है। (02 कुरिन्थियों 02ः14)

#8. पौलुस 02 कुरिन्थियों 02 अध्याय में कुरिन्थियों के विश्वासियों को मुझे तुम सब पर किस बात का भरोसा है कहते हैं ?

उत्तर का संदर्भ:- और मैं ने यही बात तुम्हें इसलिये लिखी, कि कहीं ऐसा न हो, कि मेरे आने पर जिन से आनन्द मिलना चाहिए, मैं उन से उदास होऊं; क्योंकि मुझे तुम सब पर इस बात का भरोसा है, कि जो मेरा आनन्द है, वही तुम सब का भी है। (02 कुरिन्थियों 02ः03)

#9. 02 कुरिन्थियों 02 अध्याय में पौलुस कुरिन्थियों के विश्वासियों को मुझे क्या देनेवाले हैं कहा ?

उत्तर का संदर्भ:- क्योंकि यदि मैं तुम्हें उदास करूं, तो मुझे आनन्द देने वाला कौन होगा, केवल वही जिस को मैं ने उदास किया? (02 कुरिन्थियों 02ः02)

#10. 02 कुरिन्थियों 02 अध्याय के अनुसार पौलुस त्रोआस से कहाँ चले गये थे ?

उत्तर का संदर्भ:- तो मेरे मन में चैन न मिला, इसलिये कि मैं ने अपने भाई तितुस को नहीं पाया; सो उन से विदा होकर मैं मकिदुनिया को चला गया। (02 कुरिन्थियों 02ः13)

#11. पौलुस कुरिन्थियों के विश्वासियों को मैंने किस बात को परखने के लिये कुरिन्थियों की दूसरी पत्री लिखा था कहते हैं ?

उत्तर का संदर्भ:- क्योंकि मैं ने इसलिये भी लिखा था, कि तुम्हें परख लूं, कि सब बातों के मानने के लिये तैयार हो, कि नहीं। (02 कुरिन्थियों 02ः09)

#12. पौलुस कुरिन्थियों के विश्वासियों को शैतान का हम पर दाँव क्यों न चले कहते हैं ?

उत्तर का संदर्भ:- कि शैतान का हम पर दांव न चले, क्योंकि हम उस की युक्तियों से अनजान नहीं। (02 कुरिन्थियों 02ः11)

#13. पौलुस हम उन बहुतों के समान नहीं जो परमेश्वर के वचन में मिलावट करते हैं; परन्तु मन की सच्चाई से और परमेश्वर की ओर से क्या जानकर मसीह में बोलते हैं कहा ?

उत्तर का संदर्भ:- क्योंकि हम उन बहुतों के समान नहीं, जो परमेश्वर के वचन में मिलावट करते हैं; परन्तु मन की सच्चाई से, और परमेश्वर की ओर से परमेश्वर को उपस्थित जानकर मसीह में बोलते हैं॥ (02 कुरिन्थियों 02ः17)

#14. पौलुस कुरिन्थियों के विश्वासियों को बड़े क्लेश और मन के कष्ट से मैं ने बहुत से आँसू बहा बहाकर तुम्हें लिखा था, इसलिये नहीं कि तुम उदास हो परन्तु किसलिये लिखा था कहा ?

उत्तर का संदर्भ:- बड़े क्लेश, और मन के कष्ट से, मैं ने बहुत से आंसु बहा बहाकर तुम्हें लिखा, इसलिये नहीं, कि तुम उदास हो, परन्तु इसलिये कि तुम उस बड़े प्रेम को जान लो, जो मुझे तुम से है॥ (02 कुरिन्थियों 02ः04)

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